"YOU HAVE TO IMPRESS THE GOD BY YOUR WORK
BOSS WILL FINDOUT THE ERROR ANYHOW"
P.PATRA
एक ज्ञानी अगर अज्ञानी के नज़र से खुद को देखेगा तो अज्ञानी ही पायेगा।
एक अज्ञानी अगर ज्ञानी के नजर से खुद को देखेगा तो अज्ञानी ही पायेगा। P.PATRA
झूठे लोगो के सामने झूठी मुस्कान के बदले
सच्चे लोगो के सामने रोना कई गुना अच्छा होता है
कैसा होता जितना सुन्दर चेहरा उतना सुन्दर मन होता
कैसा होता जितना सुन्दर बात उतना सुन्दर सोच होता
कैसा होता जितना सुन्दर मन उतना सुन्दर नियत होता
कैसा होता जितना सुन्दर हसी उतना सुन्दर वजह होता।
कैसा होता जितना सुन्दर शरीर उतना सुन्दर लिवाज होता
कैसा होता जितना सुन्दर जीबन उतना सुन्दर आचरण होता
कैसा होता जितना सुन्दर आंखे उतना सुन्दर नज़र होता
कैसा होता जितना सुन्दर आप उतना सुन्दर कर्म होता।
कैसा होता जितना सुन्दर समय उतना सुन्दर उपयोग होता
कैसा होता जितना सुन्दर समाज उतना सुन्दर सोच होता
कैसा होता जितना सुन्दर दोस्त उतना सुन्दर दोस्ती होता
कैसा होता जितना सुन्दर साथी उतना सुन्दर साथ होता
P.PATRA
Who are you? How are you different from others? What makes you different? You are hardworking and capable of thinking about both good and ...